जम्मू। कुंजवानी-गांधी नगर फ्लाईओवर निर्माण की प्रक्रिया के तहत प्रशासन ने सतवारी चौक में करीब 20 दुकानों को तड़के बुल्डोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। बुधवार को दुकानों के बिजली कनेक्शन काटे जाने और दुकानें खाली करने के निर्देश के बाद वीरवार तड़के करीब 3 बजे प्रशासनिक कार्रवाई की गई। सुबह जब दुकानदार मौके पर पहुंचे तो उनकी दुकानें मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी थीं। अपनी वर्षों पुरानी दुकानों को इस हालत में देखकर कई दुकानदार भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन को पहले उनके पुनर्वास और वैकल्पिक दुकानों की व्यवस्था करनी चाहिए थी और उसके बाद दुकानों को हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि उन्हें उचित तरीके से बसाने की व्यवस्था किए बिना दुकानें तोड़ दी गईं, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से बुधवार को ही बिजली कनेक्शन काटने के साथ दुकानदारों को दुकानें खाली करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद अधिकतर दुकानदारों ने अपनी दुकानों से सामान निकाल लिया था। यही वजह रही कि सतवारी चौक में जिन दुकानों पर बुल्डोजर चला, उनमें से अधिकांश पहले ही खाली की जा चुकी थीं।
सुबह मलबे में तब्दील मिलीं दुकानें
वीरवार सुबह जैसे ही दुकानदारों को दुकानों को तोड़े जाने की जानकारी मिली, वे आनन-फानन में सतवारी चौक पहुंचे। मौके का मंजर देखकर दुकानदारों में मायूसी और गुस्सा देखने को मिला। जिन दुकानों से उनके परिवारों का वर्षों से गुजारा चल रहा था, वहां अब केवल मलबा नजर आ रहा था।
दुकानदारों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अचानक दुकानें हटाए जाने से उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उनका कहना था कि सरकार यदि फ्लाईओवर और विकास परियोजना के लिए उनकी दुकानें हटा रही है तो उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध करवाने की व्यवस्था भी करनी चाहिए।
नई बस्ती के दुकानदारों ने भी सामान समेटना शुरू किया
सतवारी चौक में कार्रवाई के बाद नई बस्ती इलाके के दुकानदारों में भी चिंता बढ़ गई। प्रशासनिक कार्रवाई की आशंका को देखते हुए दुकानदारों ने वीरवार को अपनी दुकानों से सामान निकालना शुरू कर दिया। शाम तक लगभग सभी दुकानदार अपनी दुकानें खाली करते नजर आए।
स्थानीय स्तर पर ऐसी संभावना जताई जा रही है कि नई बस्ती क्षेत्र में भी देर रात प्रशासन द्वारा दुकानों को हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम प्रशासनिक कार्रवाई की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की ओर से की जानी बाकी है।
पूर्व कॉरपोरेटर पवन सिंह ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप
दुकानदारों के समर्थन में पूर्व कॉरपोरेटर पवन सिंह भी वीरवार को नई बस्ती पहुंचे। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए अधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
पवन सिंह ने कहा कि प्रशासन की ओर से पहले यह आश्वासन दिया गया था कि दुकानदारों को अपना सामान निकालने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद रात के अंधेरे में बुल्डोजर चलाकर दुकानों को गिरा दिया गया।
उन्होंने कहा कि दुकानदारों के लिए दुकानें केवल व्यवसाय का स्थान नहीं थीं, बल्कि इन्हीं से उनके परिवारों का पालन-पोषण होता था। यदि सरकार भविष्य में उनके लिए दुकानें बनाकर देने की बात कर रही है तो तब तक इन परिवारों की रोजी-रोटी कैसे चलेगी, इसका भी जवाब प्रशासन और सरकार को देना चाहिए।
प्रस्तावित दुकानों के आवंटन को लेकर भी सवाल
दुकानदारों की ओर से यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि गोल क्षेत्र में प्रस्तावित वैकल्पिक दुकानों का अभी तक आवंटन नहीं हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि जब तक उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक उन्हें कारोबार से हटाने से उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।
फ्लाईओवर निर्माण को शहर के यातायात को बेहतर बनाने और कंजुआनी-गांधी नगर मार्ग पर यातायात दबाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। हालांकि, निर्माण के लिए हटाई जा रही दुकानों और प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास का मुद्दा अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
दुकानदारों की मांग है कि सरकार और प्रशासन उनके पुनर्वास, वैकल्पिक दुकानों के आवंटन और तब तक परिवारों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट नीति बनाए, ताकि विकास परियोजना के साथ प्रभावित परिवारों के हितों की भी रक्षा हो सके।
