जम्मू, 27 जुलाई: जम्मू स्टेट मूवमेंट द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जम्मू क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, युवा एवं जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए जम्मू को अलग राज्य का दर्जा दिलाने की मुहिम को और अधिक तेज करने का सर्वसम्मति से संकल्प लिया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जम्मू क्षेत्र के लोगों के साथ लंबे समय से कथित रूप से हो रहे अन्याय, उपेक्षा और असमानता के खिलाफ अब संगठित एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि जम्मू क्षेत्र के लोगों के अधिकारों, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जम्मू की आवाज को संगठित, प्रभावी और मजबूत तरीके से बुलंद किया जाए ताकि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांगों को उचित मंच मिल सके।
जम्मू स्टेट मूवमेंट के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठन का वर्तमान में एकमात्र उद्देश्य जम्मू को अलग राज्य का दर्जा दिलाना है। उनका कहना था कि यदि जम्मू को अलग राज्य का दर्जा मिलता है तो क्षेत्र में बेहतर प्रशासन, संतुलित विकास, प्रभावी शासन व्यवस्था और स्थानीय लोगों को उनके अधिकारों के अनुरूप उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सकेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में जम्मू संभाग के सभी जिलों, कस्बों और गांवों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक सामाजिक, धार्मिक, युवा, व्यापारिक एवं अन्य संगठनों को इस आंदोलन से जोड़कर अलग राज्य की मांग को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में मूवमेंट कल्कि, युवा राजपूत सभा, शिवसेना, ऑल इंडिया राजपूत एकता मंच, राष्ट्रीय करणी सेना, सैनिक समाज पार्टी, आज़ाद हिंद फौज तथा पनुन कश्मीर सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी संगठनों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जम्मू के सम्मान, अधिकारों और उज्ज्वल भविष्य के लिए यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
