जम्मू, 5 अगस्त:
अनुच्छेद 370 और 35ए निरस्त होने के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर जम्मू में वाल्मीकि समाज ने उत्साह और देशभक्ति के माहौल में भव्य तिरंगा यात्रा निकालकर जश्न मनाया। हाथों में तिरंगा लिए बड़ी संख्या में समाज के लोग सड़कों पर उतरे और भारत माता की जय, वंदे मातरम् तथा जय हिंद के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इज़हार किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि 5 अगस्त 2019 उनके जीवन का ऐतिहासिक दिन था, क्योंकि इसी दिन उन्हें भी देश के अन्य नागरिकों की तरह समान अधिकार प्राप्त हुए।
वाल्मीकि समाज के सदस्यों ने कहा कि वर्षों तक उनके परिवारों और कई पीढ़ियों ने अपने अधिकारों का इंतजार किया। जम्मू-कश्मीर में स्थायी निवास और अन्य संवैधानिक अधिकारों से वंचित रहने के कारण उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन अनुच्छेद 370 हटने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया और अब उन्हें शिक्षा, रोजगार तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ समान रूप से मिल रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि देश के संविधान ने अब जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार दिए हैं और यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल जश्न का नहीं, बल्कि उन लोगों को याद करने का भी है जिन्होंने वर्षों तक समान अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
तिरंगा यात्रा के दौरान युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता के जयकारे लगाए और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने देश की प्रगति, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन बताया।
