श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग को लेकर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की ओर से हाल ही में किए गए प्रदर्शन को लेकर विवाद गहरा गया है। श्रीनगर पुलिस ने PDP नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इलितिजा मुफ्ती के खिलाफ ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी के साथ कथित मारपीट और उसकी बाजू पर काटने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 4 अगस्त की शाम श्रीनगर में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई कथित झड़प से जुड़ा है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने निर्धारित प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए रेजिडेंसी रोड से लाल चौक की ओर बढ़ने और लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।
पुलिस का आरोप—अधिकारी की बाजू पर काटा
श्रीनगर पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान इलितिजा मुफ्ती की एक पुलिस अधिकारी के साथ हाथापाई हुई। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान इलितिजा ने अधिकारी की बाजू पर काट लिया।
पुलिस के मुताबिक, अधिकारी को एहतियात के तौर पर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे एंटी-रेबीज और टेटनस के टीके के साथ आवश्यक चिकित्सकीय उपचार दिया गया।
इस घटना के संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
7 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया
पुलिस ने इलितिजा मुफ्ती को 7 अगस्त को श्रीनगर के कोठी बाग पुलिस स्टेशन में जांच में शामिल होने के लिए तलब किया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
PDP ने पुलिस के आरोपों को किया खारिज
वहीं, PDP ने पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा था, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया।
PDP के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के दौरान इलितिजा मुफ्ती भी घायल हुईं और उन्हें उपचार के लिए श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में शाम को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पार्टी का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के शांतिपूर्ण विरोध को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसके कारण मौके पर तनाव की स्थिति बनी।
पुलिस भी पहुंची इलितिजा के घर
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस ने इलितिजा मुफ्ती से पूछताछ के लिए उनके आवास पर भी पहुंचकर मामले से संबंधित जानकारी हासिल की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से जांच में शामिल होने के लिए कोठी बाग पुलिस स्टेशन बुलाया है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस और PDP के दावों में अंतर है। पुलिस जहां एक अधिकारी के साथ कथित मारपीट और काटने की घटना को लेकर जांच कर रही है, वहीं PDP पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगा रही है।
अब पुलिस जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि प्रदर्शन के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और घटना के लिए किसकी क्या भूमिका रही।
मामला ऐसे समय सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग को लेकर राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। ऐसे में इलितिजा मुफ्ती से जुड़ा यह विवाद राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
