जम्मू: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जम्मू में विश्व पेलियेटिव केयर दिवस के अवसर पर एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की ओर से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गंभीर एवं जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए पेलियेटिव केयर (उपशामक देखभाल) और दर्द प्रबंधन के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
इस कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक और पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से मरीजों, उनके परिजनों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा आम जनता को यह संदेश दिया गया कि गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों की देखभाल केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें दर्द से राहत, भावनात्मक सहयोग, मानसिक संबल और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना भी उतना ही आवश्यक है।
दर्द प्रबंधन पेलियेटिव केयर का अनिवार्य हिस्सा
इस वर्ष आयोजित कार्यक्रम की थीम वैश्विक विषय “दर्द प्रबंधन, पेलियेटिव केयर का एक अनिवार्य हिस्सा” पर आधारित रही। इसके माध्यम से प्रभावी दर्द प्रबंधन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए मरीजों की पीड़ा कम करने और उनके जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों में दर्द और अन्य तकलीफदेह लक्षणों के उचित प्रबंधन की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। नाटक के जरिए यह समझाने का प्रयास किया गया कि समय पर दर्द का आकलन, उचित चिकित्सा सहायता और मरीज के प्रति संवेदनशील व्यवहार उसकी शारीरिक तथा मानसिक स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार ला सकते हैं।
पोस्टर प्रतियोगिता के जरिए दिया जागरूकता का संदेश
जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने रचनात्मक एवं जानकारीपूर्ण पोस्टरों के माध्यम से पेलियेटिव केयर के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया।
पोस्टरों में दर्द के आकलन, समग्र मरीज देखभाल, भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक सहयोग, परिवार की भूमिका और पेलियेटिव केयर के व्यापक सिद्धांतों को प्रमुखता दी गई। इन प्रस्तुतियों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि गंभीर बीमारी के दौरान मरीज को चिकित्सा उपचार के साथ-साथ परिवार, स्वास्थ्यकर्मियों और समाज के सहयोग की भी आवश्यकता होती है।
प्रतियोगिता के माध्यम से पेलियेटिव केयर को लेकर प्रचलित भ्रांतियों को दूर करने और इसके महत्व के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का संदेश भी दिया गया।
प्रो. डॉ. संजीव सिन्हा ने दर्द से राहत और गरिमा को बताया जरूरी
इस अवसर पर एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रोफेसर डॉ. संजीव सिन्हा ने कहा कि प्रभावी दर्द प्रबंधन गुणवत्तापूर्ण पेलियेटिव केयर का अभिन्न अंग है। प्रत्येक मरीज को दर्द से राहत, गरिमा और करुणापूर्ण सहयोग मिलना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की देखभाल केवल उनकी शारीरिक समस्याओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनकी भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक जरूरतों को समझना तथा उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना भी स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उनके संदेश का मुख्य उद्देश्य मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देना था कि बीमारी की गंभीरता के बावजूद मरीज को सम्मानजनक एवं संवेदनशील देखभाल मिल सके।
क्या है पेलियेटिव केयर और क्यों है इसकी जरूरत?
पेलियेटिव केयर ऐसी विशेष देखभाल है, जिसका उद्देश्य गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों और उनके परिवारों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके अंतर्गत दर्द और अन्य परेशान करने वाले लक्षणों को नियंत्रित करने के साथ-साथ मरीज की भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक तथा सामाजिक जरूरतों पर भी ध्यान दिया जाता है।
यह देखभाल कैंसर सहित कई गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए उपयोगी हो सकती है। इसका उद्देश्य मरीज की पीड़ा कम करना, उपचार के दौरान उसे सहयोग देना और परिवार को बीमारी से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने में मदद करना है।
पेलियेटिव केयर का अर्थ उपचार छोड़ देना नहीं है। इसे बीमारी के उपचार के साथ भी दिया जा सकता है, ताकि मरीज को बेहतर आराम, उचित लक्षण नियंत्रण और अधिक गुणवत्तापूर्ण जीवन मिल सके।
मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
एम्स जम्मू में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने और दर्द प्रबंधन के महत्व को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
नुक्कड़ नाटक और पोस्टर प्रतियोगिता जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जटिल विषयों को सरल एवं प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि मरीज की पीड़ा को कम करना, उसकी गरिमा बनाए रखना और उसे हर संभव मानवीय सहयोग प्रदान करना भी है।
एम्स जम्मू की इस पहल के माध्यम से पेलियेटिव केयर के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा मरीजों और उनके परिवारों को समग्र, करुणापूर्ण एवं सम्मानजनक देखभाल के महत्व से परिचित कराने पर विशेष जोर दिया गया।
