
कोलंबो में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले से पहले टॉस के दौरान एक ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने मैच शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया और पहले से चली आ रही टीम नीति को बरकरार रखा।
मैदान पर टॉस के समय दोनों कप्तान आमने-सामने जरूर आए, लेकिन औपचारिक हैंडशेक नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक, भारत-पाक मैचों में खिलाड़ियों के बीच अनावश्यक विवाद से बचने और माहौल को नियंत्रित रखने के लिए टीम प्रबंधन पहले भी संयम बरतने की सलाह देता रहा है।
वहीं दूसरी ओर, मैच से पहले एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम से गले मिलते और बातचीत करते देखा गया। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसी को लेकर बहस छिड़ गई।
सोशल मीडिया पर क्यों उठा विवाद?
वीडियो सामने आने के बाद कुछ यूज़र्स ने सवाल उठाए कि जब टॉस के समय औपचारिक हाथ मिलाना नहीं हुआ, तो फिर रोहित शर्मा का वसीम अकरम से गर्मजोशी से मिलना किस संदेश की ओर इशारा करता है।हालांकि कई लोगों ने इसका बचाव भी किया और कहा कि अकरम एक पूर्व खिलाड़ी और कमेंटेटर हैं, इसलिए उनसे मिलना खेल भावना का हिस्सा है, न कि कोई राजनीतिक संकेत।
विशेषज्ञों की राय
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि मैदान पर खिलाड़ियों का व्यवहार अक्सर टीम की रणनीति और मैच के दबाव को देखते हुए तय किया जाता है। वहीं मैच से पहले या बाद में पूर्व खिलाड़ियों से मिलना-जुलना सामान्य शिष्टाचार माना जाता है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे वाक्य
भारत-पाक मुकाबलों में तनाव और संवेदनशीलता नई बात नहीं है। कई बार खिलाड़ियों के छोटे-छोटे हावभाव भी सुर्खियां बन जाते हैं और सोशल मीडिया पर बड़ी बहस का कारण बनते हैं।फिलहाल, इस पूरे मामले पर किसी भी खिलाड़ी या टीम प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन वायरल वीडियो ने मैच के साथ-साथ एक नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया है।
