
जम्मू: शहर में बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से सरकार ने संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में बिजली की तारों को भूमिगत करने का कार्य तेज कर दिया है। जनवरी तक इस परियोजना के तहत 118.32 सर्किट किलोमीटर लंबाई में 11 केवी क्षमता की केबल जमीन के नीचे बिछाई जा चुकी है।
खम्भों से हटेंगी तारें, बढ़ेगी सुरक्षा
अधिकारियों के अनुसार, 11 केवी लाइनों के भूमिगत होने के बाद संबंधित इलाकों में मुख्य बिजली तारें खम्भों पर दिखाई नहीं देंगी। इससे आंधी-तूफान, बारिश और पेड़ों के गिरने से होने वाली बिजली बाधाओं में कमी आएगी तथा दुर्घटनाओं का खतरा भी घटेगा।
घरों को सीधे भूमिगत लाइन से कनेक्शन
परियोजना के अगले चरण में इन्हीं भूमिगत लाइनों से घरों, दुकानों और संस्थानों को सीधे कनेक्शन दिए जाएंगे। इससे स्पार्किंग, तार टूटने और बिजली चोरी जैसी समस्याओं पर भी नियंत्रण मिलेगा।
बिजली आपूर्ति होगी अधिक स्थिर
• बिजली विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से लाइन लॉस में कमी आएगी
• बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होगीl
• रखरखाव खर्च कम होगा।
• शहर की सौंदर्यता भी बढ़ेगी।
पूरे शहर में होगा विस्तार
पहले चरण के सफल होने के बाद परियोजना को जम्मू के अन्य इलाकों में भी लागू किया जाएगा, ताकि भविष्य में पूरा शहर आधुनिक भूमिगत बिजली नेटवर्क से जुड़ सके।
