05.02.2026// K.S.Saini
मोदी डॉक्ट्रिन भारत की विदेश नीति का वह दृष्टिकोण है जो प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में उभरा। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत, आत्मविश्वासी और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इस नीति में पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध, आर्थिक सहयोग, सुरक्षा और वैश्विक साझेदारी को विशेष महत्व दिया गया है।
मोदी डॉक्ट्रिन का सबसे प्रमुख सिद्धांत “Neighbourhood First” यानी पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देना है। इसके तहत भारत ने दक्षिण एशिया के देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश की है। इसके अलावा “Act East Policy” के माध्यम से भारत ने दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया के देशों के साथ व्यापार, कूटनीति और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाया है।
इस नीति का एक महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक कूटनीति भी है। भारत ने विभिन्न देशों के साथ निवेश, व्यापार और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दिया है। साथ ही भारत ने वैश्विक मंचों पर अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है, चाहे वह जलवायु परिवर्तन का मुद्दा हो, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई हो या अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का विषय।
मोदी डॉक्ट्रिन में रणनीतिक साझेदारी को भी महत्व दिया गया है। भारत ने अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों के साथ संबंधों को मजबूत किया है। इसके साथ-साथ भारत ने अफ्रीका और मध्य एशिया के देशों के साथ भी सहयोग बढ़ाया है।
कुल मिलाकर, मोदी डॉक्ट्रिन भारत की ऐसी विदेश नीति को दर्शाता है जो राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए वैश्विक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देती है। यह नीति भारत को एक उभरती वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है।
