जम्मू, 31 मई: विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रहने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, बल्कि यह कई जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण भी बन रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में लगभग 26.6 प्रतिशत लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। वहीं, कैंसर के लगभग 50 प्रतिशत मामले तंबाकू उत्पादों के सेवन से जुड़े पाए गए हैं। धूम्रपान, गुटखा, खैनी, जर्दा और अन्य तंबाकू उत्पाद फेफड़ों, मुंह, गले और हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि तंबाकू छोड़ने से न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि परिवार और समाज भी इसके दुष्प्रभावों से बच सकते हैं। विशेषज्ञों ने युवाओं को विशेष रूप से तंबाकू से दूर रहने और जागरूकता फैलाने की सलाह दी।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस का उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन के खतरों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है।
“तंबाकू छोड़ें, स्वस्थ जीवन जोड़ें — आज का संकल्प, सुरक्षित कल।”
