जम्मू, 18 जून: मामूली दर्द, सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य असहजता होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द निवारक दवाओं (Painkillers) का सेवन करना लोगों की आम आदत बन गई है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी लापरवाही भविष्य में गंभीर किडनी रोगों का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक या जरूरत से ज्यादा उपयोग किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। खासकर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) जैसी दवाएं किडनी में रक्त प्रवाह को कम कर सकती हैं, जिससे धीरे-धीरे किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग छोटी-मोटी तकलीफ होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार पेनकिलर का सेवन करते हैं। यह आदत किडनी फेलियर, क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) और कुछ मामलों में किडनी कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी दवा का सेवन चिकित्सकीय परामर्श के बिना न करें और यदि दर्द लगातार बना रहता है तो उसकी जांच कराकर उचित उपचार लें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की भी सलाह दी गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और समय पर सावधानी बरतकर किडनी संबंधी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
मुख्य बातें:
• बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेने से बचें।
• लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।
• लगातार दर्द होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें।पर्याप्त पानी और स्वस्थ जीवनशैली किडनी को स्वस्थ रखने में मददगार है।
