
जम्मू: शहर में अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहा अभियान अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में विभिन्न इलाकों में की गई कार्रवाई के दौरान जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) की टीम को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा है। कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी की, जबकि कुछ स्थानों पर पथराव और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आईं।
प्रशासन द्वारा शहर के सरकारी भूखंडों, सड़कों और नालों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार नोटिस देने और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग विरोध पर उतर आते हैं।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई एक कार्रवाई के दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस बल को मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी। अधिकारियों ने बताया कि अभियान कानून के दायरे में रहकर चलाया जा रहा है और सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
वहीं, कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है और छोटे दुकानदारों व गरीब परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग भी की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
