
सड़कों पर गाड़ियों के साथ खतरनाक स्टंट करना आजकल कुछ युवाओं के बीच “स्टाइल” और “फैशन” का प्रतीक बनता जा रहा है। तेज रफ्तार में ड्रिफ्ट करना, बाइक पर व्हीली मारना, चलती कार से बाहर लटकना या ट्रैफिक के बीच करतब दिखाना—ये सब सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाहत का नतीजा हैं। लेकिन यह दिखावा दरअसल मौत को खुली दावत देने जैसा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इस प्रवृत्ति को और हवा दी है। कुछ सेकंड की रील या वीडियो के लिए लोग अपनी और दूसरों की जान खतरे में डाल रहे हैं। लाइक्स और फॉलोअर्स की दौड़ में यह भूल जाते हैं कि सड़कें स्टंट के लिए नहीं, सुरक्षित आवागमन के लिए होती हैं। दुखद बात यह है कि ऐसे करतब अक्सर भीड़भाड़ वाले इलाकों में किए जाते हैं, जहां किसी भी क्षण निर्दोष लोगों की जान जा सकती है।यह केवल व्यक्तिगत जोखिम नहीं, बल्कि सामाजिक खतरा भी है।
एक लापरवाह ड्राइवर या स्टंट करने वाला युवक पूरे परिवारों को तबाह कर सकता है। हादसे के बाद पछतावे के सिवा कुछ नहीं बचता। सवाल यह भी है कि क्या हमारी व्यवस्था और समाज ऐसे मामलों में पर्याप्त सख्ती दिखा पा रहे हैं? पुलिस की कार्रवाई के बावजूद यह ट्रेंड थमता नहीं दिख रहा।जरूरत है कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता की।
माता-पिता, स्कूल और समाज को युवाओं को समझाना होगा कि असली बहादुरी नियमों का पालन करने में है, न कि उन्हें तोड़ने में। सुरक्षित ड्राइविंग को सम्मान और लापरवाही को शर्म का कारण बनाना होगा।अंततः, हमें तय करना होगा कि हम सड़कों को स्टंट का मंच बनाना चाहते हैं या सुरक्षित जीवन की राह। क्योंकि एक पल का रोमांच पूरी जिंदगी का अंधेरा बन सकता है।

