
देश में बच्चों पर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं। इसी बीच भारत सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उम्र आधारित बैन (Age-Based Ban) लागू करने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस प्रस्ताव का मकसद नाबालिग बच्चों को ऑनलाइन खतरों, साइबर बुलिंग और अनुचित कंटेंट से बचाना बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ऐसे नियमों पर विचार कर रही है जिनके तहत एक तय उम्र से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है या फिर अभिभावकों की अनुमति अनिवार्य की जा सकती है। इसके लिए आईटी विशेषज्ञों, शिक्षा जगत और बाल अधिकार संगठनों से सुझाव लिए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। कई अभिभावकों ने भी लंबे समय से इस तरह के नियम लागू करने की मांग की है।
हालांकि, अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सरकार का कहना है कि सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही ठोस नीति बनाई जाएगी, ताकि बच्चों की सुरक्षा और डिजिटल अधिकारों के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।
