जम्मू-कश्मीर में अप्रैल 2026 से मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू होने जा रहा है। यह प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर होगी, जिसका मकसद वोटर लिस्ट को सही और अपडेट करना है।
सरकार ने इस काम के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शांतमनु को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है। मुख्य चुनाव अधिकारी का पद खाली होने के कारण यह नियुक्ति की गई, ताकि अप्रैल से जांच की प्रक्रिया शुरू हो सके।
इस जांच के दौरान वोटर लिस्ट में शामिल फर्जी नामों और अवैध रूप से बसे लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में संदिग्ध नामों की जांच होगी, जिससे कई लोगों में हलचल है।
राजनीतिक दलों की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी बताया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और सत्यापन के समय सहयोग करें, ताकि भविष्य के चुनाव साफ और निष्पक्ष तरीके से हो सकें।
