उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरते रोजगार अवसरों की व्यापक पहचान और अध्ययन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रमों को समयानुकूल बनाना बेहद जरूरी है, ताकि प्रदेश के युवाओं को बेहतर और स्थायी रोजगार मिल सके।
उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्षेत्रवार रोजगार बाजार का विस्तृत आकलन करें और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रोजगार रुझानों पर गहन अध्ययन प्रस्तुत करें। उन्होंने विशेष रूप से यूरोपीय और मध्य-पूर्वी देशों में उपलब्ध रोजगार संभावनाओं का विश्लेषण करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में नए ट्रेड्स शुरू किए जाएं। इससे स्थानीय उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा और युवाओं को विदेशों में भी बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि बाजार की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों के साथ समन्वय कर तैयार किया जाए, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे रोजगार मिल सके।
गांधी नगर स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में कौशल विकास विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को क्षेत्रवार रोजगार बाजार का आकलन करने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रोजगार रुझानों पर गहन अध्ययन करने के निर्देश दिए।
