जम्मू, 4 मार्च 2026:
डोगरा ब्राह्मण प्रतिनिधि सभा (डीबीपीएस) ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की हालिया भर्ती अधिसूचना में जम्मू केंद्र के लिए डोगरी भाषा को स्थानीय भाषा सूची से बाहर किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। सभा ने इसे डोगरा समाज और युवाओं के साथ सीधा भेदभाव करार दिया है।
सभा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि डोगरी भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है, बावजूद इसके 16 फरवरी 2026 को जारी सहायक (Assistant) पदों की भर्ती अधिसूचना में जम्मू केंद्र के लिए स्थानीय भाषा के रूप में हिंदी, उर्दू और कश्मीरी को शामिल किया गया, लेकिन डोगरी को सूची से बाहर रखा गया।
चाणक्य चौक कार्यालय में बैठक
जम्मू के चाणक्य चौक स्थित सभा कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभा अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि यह निर्णय न केवल डोगरी भाषा की अनदेखी है, बल्कि जम्मू क्षेत्र के युवाओं के अवसरों को भी सीमित करता है।
उन्होंने कहा कि डोगरी जम्मू क्षेत्र की प्रमुख मातृभाषा है और इसे स्थानीय भाषा सूची से बाहर करना असंवैधानिक भावना के विरुद्ध है। सभा ने RBI से मांग की है कि अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से रद्द कर संशोधित किया जाए और डोगरी भाषा को शामिल किया जाए।
अधिसूचना रद्द करने की मांग
सभा ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
सभा का कहना है कि डोगरी भाषा को बाहर करना जम्मू क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।
