शिमला: हिमाचल प्रदेश की जनता को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। राज्य की कांग्रेस सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इस संबंध में सरकार ने विधानसभा में बिल पेश किया, जिसे पास भी कर दिया गया।
सरकार का कहना है कि ईंधन पर लगाया गया यह नया टैक्स ‘अनाथ और विधवा उपकर’ के रूप में होगा। इस उपकर के जरिए सरकार राज्य में रहने वाले अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए नियमित आय का स्रोत तैयार करना चाहती है, ताकि उनकी सामाजिक और आर्थिक मदद की जा सके।
हालांकि, इस फैसले के बाद आम जनता और विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे प्रदेशवासियों पर यह अतिरिक्त बोझ डाला गया है। पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने से परिवहन खर्च, सब्जियों और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं, सरकार का दावा है कि इस उपकर से मिलने वाली राशि सीधे तौर पर अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण पर खर्च की जाएगी।
