जम्मू
42वीं बटालियन BSF के कांस्टेबल जसविंदर सिंह की NCB हिरासत में हुई संदिग्ध मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल जसविंदर सिंह को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की हिरासत में रखा गया था, जहां उनकी मौत हो गई। जब उनका शव परिवार के पास पहुंचा तो शरीर पर कथित तौर पर चोट और टॉर्चर के निशान देखे गए, जिसे देखकर परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।

परिवार का आरोप है कि जसविंदर सिंह को हिरासत के दौरान प्रताड़ित किया गया, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई। परिजनों का कहना है कि जो जवान देश की सरहदों पर तैनात होकर देश की रक्षा करता है, उसकी इस तरह मौत होना बेहद दुखद और चिंताजनक है।
घटना के बाद परिवार ने मामले की CBI जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और इस मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
इस घटना ने एक बार फिर हिरासत में होने वाली मौतों और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या शहीद जसविंदर सिंह को न्याय मिल पाएगा?
