दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और Arvind Kejriwal ने देश के युवाओं, खासकर Gen-Z को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। अपने बयान में उन्होंने कहा, “जागो Gen-Z जागो… उठो और लड़ो!”। केजरीवाल ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि युवा सिर्फ दर्शक बनकर न रहें, बल्कि अपने अधिकारों, रोजगार, शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर आवाज उठाएं।
केजरीवाल के इस बयान को राजनीतिक रूप से युवाओं को सक्रिय करने और नई पीढ़ी को राजनीति व सामाजिक मुद्दों से जोड़ने की कोशिश माना जा रहा है। देश में बढ़ती बेरोज़गारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियां, महंगाई और डिजिटल पीढ़ी के भविष्य को लेकर लगातार बहस जारी है। विपक्षी दल इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर Bharatiya Janata Party का कहना है कि केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
केजरीवाल के इस बयान के बाद अब छात्र राजनीति, युवा आंदोलन और देश के नए वोटर वर्ग की भूमिका को लेकर बहस और तेज होती दिखाई दे रही है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में युवाओं का मुद्दा देश की राजनीति में और बड़ा केंद्र बन सकता है।
