आज का युवा देश का भविष्य माना जाता है, लेकिन बढ़ती नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए एक गंभीर चिंता बन चुकी है। तेज़ी से बदलती जीवनशैली, गलत संगत, बेरोज़गारी, तनाव और सोशल मीडिया का प्रभाव कई युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा है। शुरुआत अक्सर शौक या दोस्तों के दबाव में होती है, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत लत में बदल जाती है।
नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, करियर और समाज को भी नुकसान पहुंचाता है। नशे के कारण युवाओं में मानसिक तनाव, गुस्सा, अवसाद और अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है। कई युवा अपनी पढ़ाई और रोजगार से दूर होकर गलत रास्तों पर चल पड़ते हैं। इसका असर पूरे समाज की शांति और विकास पर पड़ता है।
आज आवश्यकता है कि परिवार, स्कूल, समाज और सरकार मिलकर युवाओं को सही मार्गदर्शन दें। बच्चों के साथ संवाद बढ़ाना, खेल और रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना तथा नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है। युवाओं को यह समझाना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि जीवन को बर्बाद करने वाला जाल है।
यदि युवा अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल, कला और समाज सेवा में लगाएं, तो वे न केवल अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं बल्कि देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। नशा छोड़कर सही दिशा चुनना ही आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ा संकल्प होना चाहिए।
