गंगा में इफ्तार पार्टी विवाद पर शंकराचार्य का सरकार पर हमला

वाराणसी में गंगा नदी पर आयोजित इफ्तार पार्टी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि गंगा को आस्था का प्रतीक मानने के बजाय कमाई का साधन बना दिया गया है, जिसके चलते इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि गंगा में क्रूज चलाकर व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाई जा रही हैं और उसी के साथ ऐसे विवाद भी जन्म ले रहे हैं।

उन्होंने इफ्तार पार्टी के दौरान चिकन बिरयानी परोसने और कथित तौर पर हड्डियां गंगा में फेंकने के आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई। शंकराचार्य ने कहा कि गंगा जैसे पवित्र स्थल पर मांस-मदिरा का सेवन और इस प्रकार की गतिविधियां आस्था के खिलाफ हैं।

अपने बयान में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गंगा में तैरते हुए होटल और क्रूज के जरिए लोगों को ठहराने और वहां अनाचार की अनुमति देना उचित है? उन्होंने कहा कि इस पर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए और गंगा की पवित्रता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा धार्मिक और सामाजिक बहस का केंद्र बनता जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!